ऑकलैंड (कैलिफोर्निया)। बच्चों में सोशल मीडिया की लत और मानसिक स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाने के गंभीर आरोपों से घिरी फेसबुक और इंस्टाग्राम की पैरेंट कंपनी मेटा ने एक ऐतिहासिक मुकदमे को निपटाने के लिए 17 अरब डॉलर (लगभग 1.42 लाख करोड़ रुपये) का भारी-भरकम भुगतान करने पर सहमति जताई है। अमेरिकी इतिहास में उपभोक्ता सुरक्षा से जुड़ा यह अब तक का सबसे बड़ा समझौता माना जा रहा है।
कैलिफोर्निया के ऑकलैंड में अमेरिका के 47 राज्यों के अटॉर्नी जनरल ने संयुक्त रूप से इस समझौते की आधिकारिक घोषणा की। इस ऐतिहासिक समझौते के बाद वैश्विक स्तर पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की जवाबदेही का एक नया दौर शुरू होने की उम्मीद है।
कड़े सेफ्टी फीचर्स लागू करने की शर्त
मेटा को केवल भारी जुर्माना ही नहीं भरना होगा, बल्कि कंपनी को अपने प्लेटफॉर्म्स (फेसबुक और इंस्टाग्राम) पर बच्चों और किशोरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सख्त ‘सेफ्टी फीचर्स’ और नए सुरक्षा मानक अनिवार्य रूप से जोड़ने होंगे। इसमें ऑटोमैटिक स्क्रीन-टाइम लिमिट, हानिकारक कंटेंट पर कड़ा फिल्टर और माता-पिता के लिए मजबूत पेरेंटल कंट्रोल शामिल हैं।
ऐतिहासिक जुर्माना: 17 अरब डॉलर का यह भुगतान अमेरिकी इतिहास में उपभोक्ता सुरक्षा से जुड़े मामलों में अब तक की सबसे बड़ी वित्तीय क्षतिपूर्ति है।
47 राज्यों की संयुक्त कार्रवाई: अमेरिका के 47 राज्यों के अटॉर्नी जनरल ने मिलकर बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य के समर्थन में मेटा के खिलाफ यह कानूनी लड़ाई लड़ी।
एल्गोरिदम और लत पर रोक: मुकदमे में आरोप लगाया गया था कि मेटा के एल्गोरिदम जानबूझकर बच्चों को सोशल मीडिया की लत लगाने और उन्हें मानसिक रूप से प्रभावित करने के लिए डिजाइन किए गए थे।
सोशल मीडिया इंडस्ट्री पर असर: इस फैसले के बाद मेटा ही नहीं, बल्कि टिकटॉक, यूट्यूब और एक्स (Twitter) जैसे अन्य दिग्गजों पर भी नाबालिगों की सुरक्षा को लेकर दबाव बढ़ गया है।
